UP उच्च प्राथमिक शिक्षक सिलेबस 2026: कक्षा 6-8 Subject-Wise Syllabus & Exam Pattern Syllabus & Pattern
UP उच्च प्राथमिक शिक्षक सिलेबस 2026: कक्षा 6-8
UP उच्च प्राथमिक विद्यालय सहायक अध्यापक (कक्षा 6-8) भर्ती परीक्षा 2026 के लिए अभ्यर्थियों को सामान्य ज्ञान के साथ अपने चुने हुए विषय की गहन तैयारी करनी होगी। परीक्षा में एक ही प्रश्नपत्र होगा, जिसे दो खंडों में विभाजित किया गया है। पहले खंड में सामान्य ज्ञान से संबंधित प्रश्न सभी अभ्यर्थियों के लिए अनिवार्य होंगे, जबकि दूसरे खंड में भाषा, सामाजिक अध्ययन अथवा विज्ञान एवं गणित में से निर्धारित विकल्प के अनुसार एक विषय का चयन करना होगा।
कक्षा 6 से 8 के लिए यह सिलेबस उन अभ्यर्थियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है जो UP उच्च प्राथमिक शिक्षक सिलेबस 2026, UP Assistant Teacher Class 6-8 Syllabus, UP Junior Teacher Exam Syllabus और विषयवार परीक्षा पैटर्न की तैयारी कर रहे हैं।
UP उच्च प्राथमिक शिक्षक सिलेबस 2026: मुख्य जानकारी
विवरण जानकारी परीक्षा का नाम उच्च प्राथमिक विद्यालय सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा 2026 कक्षा स्तर कक्षा 6 से 8 प्रश्नपत्र एक प्रश्नपत्र कुल प्रश्न 120 कुल अंक 360 परीक्षा अवधि 120 मिनट अर्थात 2 घंटे प्रश्न प्रकार बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) प्रत्येक प्रश्न 3 अंक नकारात्मक अंकन गलत उत्तर पर 1 अंक की कटौती प्रश्नपत्र की भाषा हिंदी एवं अंग्रेजी UP उच्च प्राथमिक शिक्षक Exam Pattern 2026
उच्च प्राथमिक शिक्षक परीक्षा का प्रश्नपत्र दो मुख्य खंडों में आयोजित किया जाएगा। पहला खंड सभी अभ्यर्थियों के लिए अनिवार्य है। दूसरे खंड में अभ्यर्थी को निर्धारित विषय-विकल्पों में से एक का चयन करना होगा।
खंड विषय प्रश्न अंक खंड-I सामान्य ज्ञान 30 90 खंड-II भाषा: हिंदी / अंग्रेजी / संस्कृत में से कोई एक 90 270 खंड-II सामाजिक अध्ययन 90 270 खंड-II विज्ञान एवं गणित 90 270 महत्वपूर्ण: खंड-I के 30 सामान्य ज्ञान प्रश्न सभी अभ्यर्थियों के लिए अनिवार्य होंगे। खंड-II में भाषा, सामाजिक अध्ययन तथा विज्ञान एवं गणित में से एक विकल्प का चयन करना होगा। यदि भाषा विकल्प चुना जाता है, तो हिंदी, अंग्रेजी अथवा संस्कृत में से किसी एक भाषा का चयन किया जाएगा।
UP उच्च प्राथमिक शिक्षक Subject-Wise Syllabus 2026
1. सामान्य ज्ञान, समसामयिक घटनाएँ एवं तार्किक ज्ञान
सामान्य ज्ञान खंड सभी अभ्यर्थियों के लिए अनिवार्य है। इसकी तैयारी में राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय घटनाओं के साथ भारतीय इतिहास, भूगोल, शासन व्यवस्था, सामाजिक-आर्थिक विकास, पर्यावरण और सामान्य विज्ञान को शामिल करना आवश्यक है। तार्किक ज्ञान के अंतर्गत विभिन्न प्रकार की reasoning समस्याओं को समझने और उनका विश्लेषण करने की क्षमता पर भी ध्यान देना होगा।
- राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय महत्व की समसामयिक घटनाएँ
- भारत का इतिहास
- भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन
- भारत का भूगोल
- भारतीय राजनीति एवं शासन
- भारतीय संविधान
- राजनीतिक व्यवस्था
- पंचायती राज
- लोकनीति एवं आधिकारिक प्रकरण
- आर्थिक एवं सामाजिक विकास
- सतत विकास
- गरीबी एवं सामाजिक-आर्थिक मुद्दे
- जनसांख्यिकीय मुद्दे
- सामाजिक क्षेत्र से संबंधित पहल
- पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी
- जैव विविधता
- जलवायु परिवर्तन
- सामान्य विज्ञान
- सादृश्य (Analogies)
- अभिकथन एवं कारण (Assertion and Reason)
- द्विआधारी तर्क (Binary Logic)
- वर्गीकरण (Classification)
- घड़ी एवं कैलेंडर
- सांकेतिक असमानताएँ (Coded Inequalities)
- कूटलेखन एवं कूटवाचन (Coding-Decoding)
2. हिंदी भाषा
हिंदी को विषय-विकल्प के रूप में चुनने वाले अभ्यर्थियों को भाषा के इतिहास और साहित्यिक पृष्ठभूमि के साथ व्याकरण तथा अपठित सामग्री का अभ्यास करना चाहिए। प्रमुख साहित्यकारों और उनकी रचनाओं की सामान्य जानकारी भी पाठ्यक्रम का हिस्सा है।
- हिंदी भाषा का इतिहास
- हिंदी साहित्य का इतिहास
- हिंदी व्याकरण
- अपठित गद्यांश
- अपठित पद्यांश
- प्रमुख लेखकों का सामान्य परिचय
- प्रमुख कवियों का सामान्य परिचय
- प्रमुख लेखकों एवं कवियों की रचनाएँ
3. English Language
अंग्रेजी विकल्प में भाषा और साहित्य की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के साथ grammar तथा unseen passage की समझ महत्वपूर्ण रहेगी। अभ्यर्थियों को प्रमुख writers और poets की सामान्य जानकारी तथा उनकी प्रमुख रचनाओं से परिचित होना चाहिए।
- History of English Language
- History of English Literature
- English Grammar
- Unseen Passage
- General introduction to writers
- General introduction to poets
- Works of important writers and poets
4. संस्कृत भाषा
संस्कृत विकल्प चुनने वालों के लिए भाषा एवं साहित्य का इतिहास, व्याकरण तथा अपठित गद्य-पद्य प्रमुख अध्ययन क्षेत्र हैं। इसके साथ प्रमुख संस्कृत लेखकों और कवियों की सामान्य जानकारी तथा उनकी कृतियों को भी पढ़ना चाहिए।
- संस्कृत भाषा का इतिहास
- संस्कृत साहित्य का इतिहास
- संस्कृत व्याकरण
- अपठित गद्यांश
- अपठित पद्यांश
- प्रमुख लेखकों का सामान्य परिचय
- प्रमुख कवियों का सामान्य परिचय
- प्रमुख लेखकों एवं कवियों की कृतियाँ
5. सामाजिक अध्ययन
सामाजिक अध्ययन विकल्प में इतिहास, समाज एवं शासन, भूगोल, अर्थव्यवस्था और पर्यावरण का व्यापक अध्ययन अपेक्षित है। विषय की तैयारी करते समय प्राचीन भारतीय इतिहास से लेकर स्वतंत्र भारत की चुनौतियों तथा उत्तर प्रदेश के भूगोल तक सभी निर्धारित क्षेत्रों को क्रमबद्ध रूप से पढ़ना उपयोगी रहेगा।
इतिहास
- इतिहास के अध्ययन के स्रोत
- पाषाणकालीन संस्कृति
- ताम्र-पाषाणिक संस्कृति
- वैदिक संस्कृति
- छठी शताब्दी ईसा पूर्व का भारत
- भारत के प्रारंभिक राज्य
- मौर्य साम्राज्य की स्थापना
- मौर्योत्तर भारत
- गुप्त काल
- राजपूत काल
- पुष्यभूति वंश
- दक्षिण भारत के राज्य
- छठी शताब्दी में धार्मिक एवं सामाजिक विकास
- भारत में इस्लाम का आगमन
- दिल्ली सल्तनत की स्थापना, विस्तार एवं पतन
- मुगल साम्राज्य
- मुगल संस्कृति
- मुगल साम्राज्य का पतन
- भारत में यूरोपीय शक्तियों का आगमन
- अंग्रेजी शासन की स्थापना
- कंपनी शासन का विस्तार
- भारत में नवजागरण
- भारतीय राष्ट्रवाद का उदय
- स्वतंत्रता आंदोलन
- भारत की स्वतंत्रता
- भारत का विभाजन
- स्वतंत्र भारत की चुनौतियाँ
समाज, राजनीति एवं शासन
- भारतीय समाज
- ग्रामीण समाज
- नगरीय समाज
- ग्रामीण एवं नगरीय जीवन शैली
- ग्रामीण स्वशासन
- नगरीय स्वशासन
- जिला प्रशासन
- भारतीय संविधान
- केंद्र एवं राज्य सरकार
- भारत में लोकतंत्र
- राष्ट्रीय सुरक्षा
- विदेश नीति
- वैश्विक समुदाय एवं भारत
- नागरिक सुरक्षा
- यातायात सुरक्षा
- दिव्यांगता से संबंधित विषय
भूगोल
- सौरमंडल में पृथ्वी
- ग्लोब पर स्थानों का निर्धारण
- पृथ्वी की गतियाँ
- मानचित्र निर्माण
- पृथ्वी के चार प्रमुख मंडल
- स्थलमंडल
- पृथ्वी की संरचना
- प्रमुख स्थलरूप
- विश्व में भारत की स्थिति
- भारत की भौतिक विशेषताएँ
- मृदा
- उर्वरकों का उपयोग एवं महत्व
- प्राकृतिक वनस्पति
- वन्यजीव
- भारत की जलवायु
- आर्थिक संसाधन
- परिवहन
- व्यापार
- संचार
- उत्तर प्रदेश का भूगोल
- उत्तर प्रदेश के राजनीतिक विभाजन
- उत्तर प्रदेश की जलवायु
- उत्तर प्रदेश की मृदा
- वनस्पति एवं वन्यजीव
- उत्तर प्रदेश की कृषि
- खनिज
- उद्योग
- जनसंख्या
- नगरीकरण
- वायुमंडल
- जलमंडल
- विश्व के प्रमुख प्राकृतिक प्रदेश
- विभिन्न प्राकृतिक प्रदेशों में मानव जीवन
- खनिज संसाधन एवं उद्योग
अर्थव्यवस्था एवं पर्यावरण
- भारतीय अर्थव्यवस्था एवं उसकी चुनौतियाँ
- पर्यावरण
- प्राकृतिक संसाधन एवं उनका उपयोग
- प्राकृतिक संतुलन
- संसाधनों का उपयोग
- जनसंख्या वृद्धि का पर्यावरण पर प्रभाव
- पर्यावरण प्रदूषण
- कचरा प्रबंधन
- प्राकृतिक एवं पर्यावरणीय आपदाएँ
- पर्यावरणविद्
- पर्यावरण से संबंधित पुरस्कार
- विश्व पर्यावरण दिवस
- पर्यावरण कैलेंडर
6. गणित
विज्ञान एवं गणित विकल्प में गणित का पाठ्यक्रम संख्या पद्धति से लेकर बीजगणित, ज्यामिति, सांख्यिकी, प्रायिकता और त्रिकोणमिति तक फैला हुआ है। गणना आधारित अध्यायों के साथ व्यंजकों, समीकरणों, आकृतियों और आंकड़ों की व्याख्या पर भी पकड़ बनाना आवश्यक है।
- प्राकृतिक संख्याएँ
- पूर्ण संख्याएँ
- परिमेय संख्याएँ
- पूर्णांक
- कोष्ठक
- लघुत्तम समापवर्त्य (LCM)
- महत्तम समापवर्तक (HCF)
- वर्गमूल
- घनमूल
- बीजीय सर्वसमिकाएँ
- बीजगणित
- वास्तविक एवं अपरिमेय संख्याएँ
- संख्याओं की घात
- बीजीय व्यंजकों का जोड़, घटाव, गुणा एवं भाग
- पद एवं पदों के गुणांक
- सजातीय एवं विजातीय पद
- व्यंजकों की घात/डिग्री
- रैखिक, द्विघात एवं त्रिघात व्यंजक
- युगपत समीकरण
- वर्ग समीकरण
- रैखिक समीकरण
- समांतर रेखाएँ
- चतुर्भुजों की रचना
- त्रिभुज
- वृत्त
- चक्रीय चतुर्भुज
- वृत्त की स्पर्श रेखाएँ
- अनुपात एवं समानुपात
- प्रतिशत
- लाभ एवं हानि
- साधारण ब्याज
- चक्रवृद्धि ब्याज
- आंकड़ों का वर्गीकरण
- चित्रलेख (Pictographs)
- माध्य
- माध्यिका
- बहुलक
- बारंबारता
- पाई चार्ट
- बार चार्ट
- असमूहीकृत आंकड़े
- प्रायिकता
- ग्राफ
- क्षेत्रफल एवं परिमाप
- घातांक
- त्रिकोणमिति
7. विज्ञान
विज्ञान का पाठ्यक्रम दैनिक जीवन में विज्ञान के उपयोग से लेकर जीव विज्ञान, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और पर्यावरणीय अवधारणाओं तक विस्तृत है। जीव-जगत और स्वास्थ्य से जुड़े अध्यायों के साथ गति, बल, ऊर्जा, प्रकाश, विद्युत, पदार्थ तथा रासायनिक पदार्थों की मूल अवधारणाओं का अध्ययन करना चाहिए।
जीव विज्ञान एवं जीवन विज्ञान
- दैनिक जीवन में विज्ञान
- महत्वपूर्ण वैज्ञानिक खोजें
- विज्ञान का महत्व
- मनुष्य, विज्ञान एवं तकनीक
- रेशे एवं वस्त्र
- रेशों से वस्त्र बनाने की प्रक्रिया
- सजीव एवं निर्जीव पदार्थ
- जीवों का वर्गीकरण
- पौधों का वर्गीकरण
- जंतुओं का वर्गीकरण
- जीवों में अनुकूलन
- पौधों एवं जंतुओं में परिवर्तन
- जंतुओं की संरचना एवं कार्य
- सूक्ष्मजीव
- सूक्ष्मजीवों का वर्गीकरण
- सूक्ष्मजीवों से होने वाले रोग
- रोगों की रोकथाम
- कोशिका से अंग-तंत्र तक
- किशोरावस्था
- दिव्यांगता
- भोजन एवं पोषण
- स्वास्थ्य
- स्वच्छता
- रोग
- फसल उत्पादन
- नाइट्रोजन चक्र
- जंतुओं में पोषण
- पौधों में पोषण
- प्रजनन
- उपयोगी पौधे
- श्वसन
- उत्सर्जन
- उपयोगी जंतु
- विटामिन
- हार्मोन
- खनिज लवण
भौतिक विज्ञान
- मापन
- विद्युत धारा
- चुंबकत्व
- गति
- बल
- मशीनें
- ऊर्जा
- ध्वनि
- स्थिर विद्युत
- प्रकाश
- प्रकाशीय उपकरण
- ऊष्मा
- तापमान
रसायन विज्ञान एवं पर्यावरण
- वायु एवं उसके गुण
- वायु की संरचना
- वायु की आवश्यकता एवं उपयोग
- ओजोन परत
- ग्रीनहाउस प्रभाव
- जल
- जल की आवश्यकता एवं उपयोग
- जल के स्रोत
- जल के गुण
- जल प्रदूषण
- जल संरक्षण
- पदार्थ
- पदार्थों के समूह
- पदार्थों का पृथक्करण
- पदार्थ की संरचना एवं प्रकृति
- अम्ल
- क्षार
- लवण
- मानव निर्मित वस्तुएँ
- प्लास्टिक
- काँच
- साबुन
- मृत्तिका
- खनिज
- धातु
- कार्बन एवं उसके यौगिक
- ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोत
- आवर्त सारणी
- रक्त की संरचना
- रक्त समूह
- रक्त आधान के समय आवश्यक सावधानियाँ
UP उच्च प्राथमिक शिक्षक 2026 तैयारी रणनीति
तैयारी शुरू करने से पहले अपने चुने हुए विषय-विकल्प की पहचान करें, क्योंकि 90 प्रश्नों वाला दूसरा खंड आपकी विषय-विशेषज्ञता पर आधारित होगा। सामान्य ज्ञान के 30 अनिवार्य प्रश्नों के लिए इतिहास, भूगोल, संविधान, अर्थव्यवस्था, पर्यावरण, विज्ञान और समसामयिक घटनाओं को नियमित रूप से दोहराएँ।
भाषा चुनने वाले अभ्यर्थी एक ही भाषा को केंद्र में रखकर साहित्य, व्याकरण और अपठित सामग्री का अभ्यास करें। सामाजिक अध्ययन में इतिहास, भूगोल, शासन और पर्यावरण को अलग-अलग अध्ययन इकाइयों में बाँटना उपयोगी रहेगा, जबकि विज्ञान एवं गणित विकल्प में दोनों विषयों के लिए अलग अध्ययन और प्रश्न-अभ्यास की योजना बनानी चाहिए।
पढ़े हुए प्रत्येक अध्याय के बाद विषयवार MCQ हल करें और गलत प्रश्नों की अलग सूची बनाकर दोहराएँ। चूँकि गलत उत्तर पर अंक काटे जाएंगे, इसलिए केवल अधिक प्रश्न हल करने के बजाय अवधारणात्मक स्पष्टता और उत्तर चयन की शुद्धता पर भी ध्यान दें।
UP उच्च प्राथमिक शिक्षक सिलेबस 2026 की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण सुझाव
- सबसे पहले 120 प्रश्नों वाले पूरे परीक्षा ढाँचे को समझें।
- 30 प्रश्नों वाले अनिवार्य सामान्य ज्ञान खंड को नियमित अध्ययन का हिस्सा बनाएँ।
- दूसरे खंड के लिए केवल अपने चुने हुए विषय का विस्तृत अध्ययन करें।
- इतिहास, भूगोल और विज्ञान जैसे बड़े विषयों को छोटे अध्यायों में विभाजित करें।
- गणित में सूत्रों के साथ पर्याप्त गणना-आधारित प्रश्नों का अभ्यास करें।
- भाषा विषय में व्याकरण और unseen/unseen comprehension आधारित अभ्यास को शामिल करें।
- समसामयिक घटनाओं के लिए नियमित रूप से नवीन घटनाओं का पुनरावलोकन करें।
- प्रत्येक सप्ताह मॉक टेस्ट देकर समय प्रबंधन का अभ्यास करें।
- गलत उत्तरों का विश्लेषण करके कमजोर अध्यायों की दोबारा तैयारी करें।
UP उच्च प्राथमिक शिक्षक सिलेबस 2026 PDF
अभ्यर्थी ऊपर दिए गए विषयवार पाठ्यक्रम को अपनी तैयारी की चेकलिस्ट के रूप में उपयोग कर सकते हैं। PDF के लिए आधिकारिक या आयोग द्वारा जारी नवीनतम पाठ्यक्रम दस्तावेज को प्राथमिकता देना चाहिए, क्योंकि भर्ती से संबंधित निर्देशों में आधिकारिक संशोधन होने की स्थिति में नवीनतम दस्तावेज ही मान्य होगा।
Conclusion
UP उच्च प्राथमिक शिक्षक सिलेबस 2026 को मुख्य रूप से दो हिस्सों में समझा जा सकता है—30 प्रश्नों का अनिवार्य सामान्य ज्ञान खंड और 90 प्रश्नों का चुना हुआ विषय खंड। कक्षा 6-8 के अभ्यर्थियों को पहले परीक्षा पैटर्न स्पष्ट करना चाहिए और उसके बाद अपने विषय के इतिहास, भाषा, सामाजिक अध्ययन या विज्ञान एवं गणित से जुड़े निर्धारित टॉपिक्स को व्यवस्थित तरीके से पूरा करना चाहिए। सिलेबस को अध्यायवार पूरा करने, नियमित MCQ अभ्यास और समय-समय पर revision से तैयारी को अधिक व्यवस्थित बनाया जा सकता है।
Disclaimer: यह पाठ्यक्रम उपलब्ध 2026 परीक्षा-संबंधी स्रोत एवं प्रकाशित सिलेबस विवरण के आधार पर तैयार किया गया है। परीक्षा से संबंधित किसी भी अंतिम बदलाव, संशोधन या आधिकारिक निर्देश के लिए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा जारी नवीनतम सूचना को प्राथमिकता दें।